अगस्त 03, 2008

fasahat की कविता मेरे लिए

हे पवन !
IAS pariksha me
सफलता प्राप्त करके
माता - पिता
guroo जन
एवं जनपद का मान badhaya है।
mayan ऋषि की tapo भूमि को
भारत के कोने कोने से
parichit karaya है।
निश्चय ही तुम mahan हो
गुणों की अनुपम khan हो
ishwar तुम्हे
सफलता के शिखर तक pahuchaye
विश्व तुम्हारी sajjanta को sarahe ।
pankaj hirdesh और श्याम kant भी
tumhara anusaran करें
भाई के aadarshon को sir माथे dharen।
mainpuri wasion ने तुम्हे
दिल me basaya है
सैकड़ों abhinandan, vandan कर
vatavaran को
पवन maya बनाया है।
'anwar' की duayen sadaiv
तुम्हारे साथ हैं
तुम्हे ashirwad देने के लिए
उठ रहे सैकड़ों हाथ हैं।
जैसा की मैंने अपने २५ july के ब्लॉग me fasahat anwar के baare me लिखा था .उन्होंने जो lifafa दिया था usme yehi कविता थी । fasahat भाई ने ये कविता न केवल अपनी बल्कि पूरे mainpuri की तरफ़ से ashirwad के रूप me दी थी। मैं aabhari हूँ उनका ........... inayten bakhshne का fasahat भाई के साथ साथ mainpuri के हर एक zarre का शुक्रिया.......... ।

6 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

अजी इस हिन्दी ओर रोमन मे पढने मे मुश्किल होती हे, कविता तो सुन्दर हे, लेकिन अगली बार आप हिन्दी मे ही लिखे,यह एक राय हे, ध्न्यवाद

singhsdm ने कहा…

Raj Bhai
blog par aane ka dhanyabad.darasal mre blog par main roman me type karta hoon. Transliteration me jo shabd hindi me badal jaate hain wahan tak hindi hoti hai jin shabdon ka trzuma nahi ho paata ve english me hi rah jaate hain isliye ye dikkat lazimi hai.Waise blog par aate rahe dosti me bhasha kabhi badha nahi banti.

sumati ने कहा…

pawan,
fasahat sahab aapke avwal hamari mainpuri ke hain..lekin wasim sahab ya aur bhi bahut sahab jo tum se milte hain tumhare ias banne se pahle bhi tumhare kayal rehte thai.shayad kam hi log jante hno ..ias ke aage pawan laga hai ..pawan ke aage ias nahi .hogaye ho bahut khush hun na hote to kam na thae...han aur nigahe pyar ko nigahe yaar karne ka shukriya

sumati

swati ने कहा…

http://www.google.com/transliterate/indic/
isme type kar ke dekhiye
aur haa ye word verification bhi hata dijiye

Ravi ने कहा…

आज मुझे आप का ब्लॉग देखने का सुअवसर मिला।
वाकई आपने बहुत अच्छा लिखा है। आशा है आपकी कलम इसी तरह चलती रहेगी
और हमें अच्छी -अच्छी रचनाएं पढ़ने को मिलेंगे
बधाई स्वीकारें।
आप मेरे ब्लॉग पर आए, शुक्रिया.
मुझे आप के अमूल्य सुझावों की ज़रूरत पड़ती रहेगी.
Really i like it and desirous to get your all new creations.

...रवि
http://meri-awaj.blogspot.com/
http://mere-khwabon-me.blogspot.com/

महामंत्री-तस्लीम ने कहा…

रोमन और हिन्दी में कविता का स्वाद पूरा नहीं मिल पाया।